मंडी जिले की तहसील लड़भडोल के चूल्हा गांव में बना ऊहल-3 पावर प्रोजेक्ट (Uhl-3 Power Project) 22 सालों के लंबे इंतज़ार के बाद अब हिमाचल बिजली बोर्ड की कमाई का नया चेहरा बन गया है। बीती रात 12 बजे तक इस परियोजना ने 100 करोड़ रुपये का राजस्व कमा कर नया रिकॉर्ड बना दिया।

ऊहल-3 पावर प्रोजेक्ट ने रचा इतिहास: 100 करोड़ का राजस्व, बना हिमाचल की कमाई का नया जरिया
इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 के आखिरी हफ्ते से इस परियोजना ने उत्पादन शुरू किया था और अब यह परियोजना पूरी क्षमता से 100 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रही है।
फिलहाल ऊहल-3 पावर प्रोजेक्ट को 5 रुपये प्रति यूनिट की अस्थायी दर पर बिजली बेचने की अनुमति मिली है। यही वजह है कि कम समय में ही यह प्रोजेक्ट प्रदेश के लिए बड़ा राजस्व स्रोत बन चुका है।
अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि यह सब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग से संभव हुआ। लंबे समय से अटकी ये परियोजना अब हिमाचल बिजली बोर्ड के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के लिए भी सचमुच ‘कमाऊ पूत’ साबित हो रही है। मुख्यमंत्री की ऊहल-3 पावर प्रोजेक्ट को प्राथमिकता और विशेष आर्थिक मदद के बदौलत यह सपना साकार हुआ।
इस वित्तीय वर्ष में इस पावर प्रोजेक्ट से 389 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है, जिससे राज्य सरकार को हर साल करीब 200 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
बिजली बोर्ड के अनुसार, इस परियोजना से पैदा हुई ऊर्जा को जोगिंदरनगर, पट्टी और हमीरपुर के प्रमुख सब-स्टेशनों के जरिये उत्तरी ग्रिड (Northern Grid) में भेजा जा रहा है।
संजय गुप्ता ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में कई चुनौतियां आईं, लेकिन स्थानीय देवी-देवताओं की कृपा, लोगों का सहयोग और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों की मेहनत से यह मुमकिन हो सका है ।
समाचार स्त्रोत : दैनिक ट्रिब्यून
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